
कतरास। शिक्षा के मंदिर में ज्ञान का दीप जलाने वाले शिक्षक खुद अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। कतरासगढ़ स्थित DAV +2 विद्यालय के शिक्षकों के सामने पिछले चार महीनों से आर्थिक संकट गहरा गया है। जनवरी 2026 से मानदेय (वेतन) न मिलने के कारण शिक्षक अब भुखमरी की स्थिति में पहुँच चुके हैं
सिद्धार्थ गौतम ने जानी शिक्षकों की पीड़ा मंगलवार को जनता मजदूर संघ के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम कतरास स्थित स्वास्तिक सिनेमा परिसर में संघ के कार्यालय पहुंचे। इसके पश्चात उन्होंने DAV +2 विद्यालय का दौरा किया और वहां कार्यरत शिक्षकों व शिक्षिकाओं से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने अपना दर्द बयां करते हुए
बताया किः
* वेतन बकायाः जनवरी 2026 से अब तक उन्हें एक पैसे का भुगतान नहीं हुआ है।
* कर्तव्यनिष्ठाः वेतन न मिलने के बावजूद शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय आकर करीब 2000 छात्रों के भविष्य को संवारने में जुटे हैं।
* आर्थिक तंगीः मानदेय रुकने से शिक्षकों के परिवारों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
* अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है 1969 से मान्यता प्राप्त यह स्कूल, वर्ष 1969 में बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त यह ऐतिहासिक विद्यालय आज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में उपायुक्त (DC) द्वारा विद्यालय की मान्यता रद्द करने की बात कही जा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षण कर्मचारियों में भारी चिंता और असुरक्षा का माहौल है। इसके अतिरिक्त, नामांकन (एडमिशन) न होने और अत्यंत कम वेतन मिलने जैसी समस्याओं ने संस्थान की कमर तोड़ दी है।
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***** प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील_शिक्षकों की अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है 1969 से मान्यता प्राप्त यह स्कूल, वर्ष 1969 में बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त यह ऐतिहासिक विद्यालय आज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में उपायुक्त (DC) द्वारा विद्यालय की मान्यता रद्द करने की बात कही जा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षण कर्मचारियों में भारी चिंता और असुरक्षा का माहौल है। इसके अतिरिक्त, नामांकन (एडमिशन) न होने और अत्यंत कम वेतन मिलने जैसी समस्याओं ने संस्थान की कमर तोड़ दी है।
***** प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील_शिक्षकों की व्यथा सुनने के बाद सिद्धार्थ गौतम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा किः > “समिति की आपसी लड़ाई अपनी जगह हो सकती है, लेकिन शिक्षकों के मानदेय पर रोक लगाना पूरी तरह अनुचित है। यह उनके मानवाधिकारों का हनन है।”
> श्री गौतम ने धनबाद उपायुक्त से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है ताकि जल्द से जल्द कोई समाधान निकले और शिक्षकों को उनका हक मिल सके।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शंकर चौहान, प्रभात मिश्रा, अनुज कुमार सिन्हा, विनय सिंह, राजीव रंजन मिश्रा (कार्यालय प्रभारी) समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे












